Cholesterol कम करने की आयुर्वेदिक चिकित्सा | Cholesterol Treatment in Ayurveda in Hindi

Ayurveda
कॉलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद फैट या वसा का ही एक हिस्सा होता है। शरीर में इसकी सही मात्रा बहुत से एंजाइम्स बनाने में भी मदद करती है। लेकिन खराब खान-पान और दिनचर्या के चलते यह शरीर में अधिक हो जाता है, जिस कारण कई बीमारियां घेर लेती हैं। 

हालांकि उपचार के सबसे पुराने और विश्वसनीय तरीके, यानी ‘आयुर्वेद’ से इसका उपचार संभव है। इस video में जानें आयुर्वेद की मदद से कोलेस्ट्रॉल का उपचार।

  1. अर्जुन: अर्जुन अभी तक एक और शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो दिल की बाधाओं, दिल के दौरे इत्यादि जैसे हृदय संबंधी स्थितियों से निपटने में शक्तिशाली शक्तिशाली है. अर्जुन पेड़ की छाल पाउडर के रूप में ली जा सकती है और खाया जा सकता है. उनके पास कोलेस्ट्रॉल को भंग करने और दिल की रोकथाम को रोकने की क्षमता है. यह गर्म पानी के साथ नाश्ते से पहले, सुबह में पहले उपभोग किया जाना चाहिए.
  2. धनिया: धनिया को सबसे अच्छा हर्बल मूत्रवर्धक एजेंट माना जाता है. यह किडनी को पुनर्जीवित कर सकता है और अपशिष्ट के विसर्जन के मामले में उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है. इसलिए किडनी शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को फ्लश कर सकता है. धनिया को दैनिक आधार पर भोजन के साथ उपभोग किया जा सकता है.
  3. लहसुन: फिर से लहसुन मानव जाति के लिए सदियों से ज्ञात है और उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. दैनिक आधार पर लहसुन के दो लौंग रक्त में उच्च कोलेस्ट्रॉल के प्रभाव को पूरी तरह से बेअसर कर सकते हैं. धमनियों को मुक्त करने के अलावा लहसुन के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ हैं.
  4. गुगुलु: यह जड़ी बूटी रक्त में उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सकों के बीच लोकप्रिय जड़ी बूटियों में से एक है. उनमें गुगुलस्टेरोन होते हैं, जिन्हें रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल का सक्रिय अवरोधक माना जाता है. इस पदार्थ के 25 मिलीग्राम की खपत एक व्यक्ति को उच्च कोलेस्ट्रॉल से पूरी तरह से मुक्त कर सकती है. उन्हें किसी भी भोजन के बाद लिया जा सकता है.
  5. जई (Oats) में घुलनशील फाइबर की अधिक मात्रा उपलब्‍ध होती है जो कि प्‍लाक गठन को रोकती है जो स्‍वस्‍थ्‍य रक्‍त परिसंचरण में मदद करती है। इसलिए यदि आप अपना शरीर से अतिरिक्‍त कोलेस्ट्रॉल को कम करना चाहते हैं तो इस तरह के प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का उपयोग कर सकते हैं जो आपके लिए लाभकारी होते हैं।
  6. विशेष रूप से बादाम, अखरोट, मूंगफली और अन्‍य फलों या बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ई बहुत अच्‍छी मात्रा में पाए जाते हैं जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL cholesterol) के स्‍तर को कम करने और दिल को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने में हमारी मदद करते हैं।
  7. सप्‍ताह में दो या तीन बार मछली खाने से एलडीएल के स्‍तर को कम किया जा सकता है। खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने के दो तरीके हो सकते हैं जैसे कि सेवन करने वाले मांस उत्‍पादों को बदलकर, जिनमें एलडीएल-बूस्टिंग संतृप्‍त वसा (saturated fats) होती है और एलडीएल–कम करने वाले ओमेगा-3 वसा प्रदान करने वाले उत्‍पादों का सेवन करके। ओमेगा-3 रक्‍त प्रवाह में टा्रइग्लिसराइड्स को कम करता है और असामान्‍य हृदय गति (heart rhythms) को नियंत्रित कर दिल की रक्षा करने में मदद करता है।

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