ये लक्षण बताते हैं आपको आने वाला है Heart Attack

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हार्ट हमारे शरीर का मुख्य अंग है। हार्ट हमारे पूरे शरीर में खून और ऑक्सीजन की सप्लाई करता है। लेकिन आजकल की गलत जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक की बीमारी हो रही है। अधिकतर लोगों का यही मानना है कि हार्टअटैक अचानक से होने वाली बीमारी है। शरीर की कोई भी बीमारी अचानक से नहीं होती है। हार्ट अटैक आने से 1 महीने पहले ही शरीर इसके संकेत बता देता है। आइए जानते हैं। हार्ट अटैक आने से 1 महीने पहले शरीर में दिखाई देने लगते हैं ये 5 बदलाव, कभी भी नजरअंदाज नहीं करें।

 

हार्ट अटैक आने के संकेत 
1. थकान..

थकान का मतलब ये नहीं कि बहुत काम या वर्कआउट करने के बाद होने वाली थकान को आप गलत समझ लें. यहां बात लंबे वक्त तक बनी रहने वाली थकान की हो रही है. ये लक्षण महिला और पुरुष दोनों में दिखता है, रोजमर्रा के काम जैसे सोने के लिए बिस्तर तैयार करना, बाथरूम तक चलकर जाना या थोड़ा मार्केट में चल लेना उससे भी थकान बनी हुई है और नींद में खलल पड़ रहा है तो चिंता का विषय है.

2. सांस फूलना और जल्दी पसीना आना..

आम तौर पर किसी को ये तो समझ आ ही जाएगा कि कब उसका शरीर ज्यादा थकता है और कितने व्यायाम के बाद पसीना आता है. पर अगर अक्सर ऐसा होने लगे तो खतरे की घंटी है. लगातार आंखों के आगे अंधेरा छाना, सांस फूलना और उसके साथ पसीना आना दिन की बीमारी का संकेत है. ये अक्सर होना बुरी बात है और ऐसे में अगर चेस्ट पेन या हार्ट बर्न जैसी समस्या भी बनी हुई है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

अगर किसी को एकदम से ठंडा पसीना आने लगा है और दिए गए लक्षणों से कोई भी एक लक्षण है तो यकीनन ये चिंता की बात है और कई मामलों में तो ये हार्ट अटैक का लक्षण है.

3.चक्कर आना और आंखों के आगे अंधेरा छाना..

अगर किसी ने सुबह से कुछ खाया नहीं है, ज्यादा धूम लिए हैं, ज्यादा काम कर लिया है और ऐसा हो रहा है तो ये नॉर्मल है. पर अगर कोई बिलकुल आराम से खड़े या बैठे हुए हैं और ऐसा होता है. बार-बार होता है तो चिंता की बात है. अक्सर ब्लड प्रेशर के मरीजों के साथ ऐसा होता है क्योंकि दिल ठीक तरह से खून पंप नहीं कर पाता. अगर समस्या ज्यादा बार समझ आ रही है तो डॉक्टर से तुरंत मिलें क्योंकि ये आपके दिल का आपको संकेत भी हो सकता है.

4. दिल की धड़कन का तेज़ होना..

ये आम बात है कि अगर दिल की धड़कन जोश में आकर बढ़ रही है या एक्सरसाइज करने के बाद बढ़ रही है, या डर के कारण बढ़ रही है, लेकिन अगर किसी को ये लगता है कि उसके दिल की धड़कन आम तौर पर कई बार तेज़ हो रही है और ये कुछ सेकंड्स से ज्यादा समय के लिए है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

5.  गले, जबड़े, पीठ और हाथ का दर्द..

हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण बाएं हाथ का दर्द माना जाता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि दिल की समस्या को सिर्फ बाएं हाथ के दर्द से ही देखा जाए. खासतौर पर महिलाओं में ये किसी भी तरफ हो सकता है.

इसके अलावा, अगर लगातार गले के पीछे, जबड़े में या पीठ में दर्द बना हुआ है तो ये खतरे की घंटी है. अगर किसी एक जगह दर्द बार-बार दर्द हो रहा है और ये समझ नहीं आ रहा कि कौन सी मांसपेशी इसके लिए जिम्मेदार है या यूं कहें कि दर्द शिफ्ट हो रहा है तो भी ये चिंता की बात है. ये दर्द अचानक होता है इसके लिए किसी चोट का या किसी व्यायाम का जिम्मेदार होना जरूरी नहीं है.

6. खर्राटे..

अगर कोई आम तौर पर खर्राटे लेता है तो ये कोई गलत बान नहीं है, ये साइनस भी हो सकता है, लेकिन खर्राटे से ये समझ आता है कि कहीं दिल की बीमारी तो नहीं. अगर किसी के खर्राटे बदल गए हैं और खर्राटे लेते समय ऐसी आवाज़ आ रही है जैसे कोई चोक हो रहा हो या फिर सांस लेने में दिक्कत समझ आ रही है तो ये स्लीप एप्निया (Sleep Apnea) हो सकता है, ऐसा होने पर दिल पर स्ट्रेस ज्यादा पड़ता है. ऐसे में दिल के कमज़ोर होने की गुंजाइश बढ़ सकती है.

7. पैर, तलवे आदि में सूजन..

ये एक ऐसा लक्षण है जिससे समझ आता है कि आपके दिल को जैसे खून पंप करना चाहिए वैसे नहीं कर रहा है. जब दिल एकदम सही से खून पंप नहीं कर पाता तो इससे मांसपेशियों में सूजन आ जाती है.

दिल के ठीक से काम न करने का असर किडनी पर भी पड़ता है और वो भी अपना काम सही से नहीं कर पाती. इसलिए पैरों में सूजन हो जाती है.

8. छाती में दबाव..

ये अक्सर तब होता है जब दिल की किसी धमनी या आर्टरी में ब्लॉकेज होने लगता है. हर कोई इस भावना को अलग तरीके से समझाता है. किसी को लगता है कि जैसे सीने में जलन हो रही है, एसिडिटी जैसी फीलिंग है, किसी को चुभन महसूस होती है तो किसी को लगता है कि सीने पर कोई भारी सामान रखा हुआ है. पर अगर दिल की बीमारी से जुड़ी बात है तो छाती में कुछ न कुछ जरूर महसूस होगा. भले ही ये एंग्जाइटी जैसा ही क्यों न लगे. जरूरी नहीं है कि किसी दर्द से ही आप दिल की बीमारी का संकेत लें, बिना दर्द भी ये हो सकता है.

हार्ट अटैक के लक्षण
1. अक्सर लोग धूम्रपान, नींद की दवाएं या शराब वगैरह पीने लगते हैं. यह आदतें दिल के रोगों को और बढ़ावा देती हैं.
2. दौरान दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने की स्थिति में यह जरूरी हो जाता है कि आप हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचान कर प्राथमिक उपचार किया जाए.
3. हार्ट अटैक के लक्षणों में हर बार सांस लेने में कठिनाई, सीने में जकड़न, छाती में भिंचाव, सांस फूलने और अचानक पसीना आने जैसी शिकायत नहीं होती.
4. आजकल ‘साइलेंट’ हार्ट अटैक के मामले देखने को मिल रहे हैं. साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) में किसी तरह के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं.
5. अगर आप सोच रहे हैं कि साइलेंट हार्ट अटैक क्या होता है, तो हम आपको बताते हैं. हार्ट अटैक (Heart Attack) के करीब आधे मामले ‘साइलेंट’ होते हैं जो कि मौत के जोखिम को काफी बढ़ाते हैं.
6. हार्ट अटैक से बचने के लिए आपको अपनी तरफ से जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि वो कौन सी बातें हैं जिनका आप ध्यान रख सकते है और आर्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं.

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