पक्षाघात आयुर्वेदिक उपचार

Ayurveda
लकवा यानि पैरालिसिस अटैक (Paralysis Attack) लकवे में व्यक्ति चलने-फिरने और अंग को महसूस करने की क्षमता खो देता है। इसके अलावा मुंह टेढ़ा हो जाता है और बोलने पर मुंह से आवाज भी नहीं निकलती। वैसे देखा जाए तो लकवा किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति या महिला को हो सकता है।

 लेकिन अधिकतर यह ज्यादा उम्र के लोगों में देखा गया है। लकवा की बीमारी को ठीक होने में काफी समय लग जाता है। इसलिए आज हम कुछ ऐसे उपचार लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर लकवा से जल्दी ठीक हुआ जा सकता है।

लकवा का उपचार घरेलु उपाय और देसी तरीके से कैसे करे
Lakwa ka Upchar ke Gharelu Upay aur Desi Tarike

1. 2 चम्मच शहद में 5 कलियाँ लहसुन की पीस कर उसका सेवन करने पर एक से डेढ़ महीने में लकवे में आराम मिलने लगेगा। इसके साथ साथ लहसुन की 5 कालियां दूध में उबाल ले और इसका सेवन करे। इस उपाय से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा और लकवा प्रभावित अंग में भी जान आने लगेगी।

2. पैरालिसिस के उपचार में मालिश से भी फायदा मिलता है पर किसी भी प्रकार की मालिश को शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर या फिर किसी आयुर्वेदिक वैद की सलाह जरूर ले। कलौंजी के तेल को गुनगुना कर के हलके हाथों से मालिश करे, इसके साथ दिन में 2 से 3 बार एक चम्मच तेल का सेवन भी करे। इस देसी नुस्खे से 30 दिनों में फरक दिखने लगेगा।

3. 50 से 60 ग्राम काली मिर्च को 250 ग्राम तेल में मिला कर कुछ देर तक गैस पर पकाए। अब इस तेल को गुनगुना करके लकवे प्रभावीत अंग पर पतला — पतला लेप लगाये।

4. लकवे का इलाज में लहसुन का सेवन बहुत ही असरदार है। लहसुन से उपचार करने के लिए पहले दिन पानी के साथ लहसुन की 1 कली निगल ले, उसके बाद रोजाना एक-एक कली बढ़ाये और पानी के साथ ले, कहने का मतलब है की पहले दिन 1 कली, दूसरे दिन 2, तीसरे दिन 3 और ऐसे करते करते 21वें दिन लहसुन की पूरी 21 कलियां पानी के साथ निगलनी है। 21 दिनों के बाद अब हर रोज एक — एक कली कम कर के निगले। इस प्रयोग से अधरंग जैसी समस्या में जल्द फायदा मिलता है।

5. रोजाना सौंठ और उड़द को उबाल ले और ठंडा होने पर इसका पानी छान कर पिए। हर रोज इस उपाय को करने से लकवे में काफी सुधार होता है।

6. बारीक पीसी हुई अदरक 5 ग्राम और काली उड़द दाल 10 ग्राम की मात्रा में ले और 50 ग्राम सरसों के तेल में 5 से 7 मिनट तक गरम करे और इसमें 2 ग्राम पिसे हुए कपूर का चूरा डाल दे। हर रोज इस तेल के इस्तेमाल से गठिया और लकवे की बीमारी में गजब का फायदा मिलता है। इस तेल से जोडों की मालिश करने पर दर्द ठीक होता है।

7. खजूर का गुदा लक़वे से प्रभावित अंग पर मलने से भी आराम मिलता है।

8. दूध में छुहारा भिगो कर खाने से भी लकवे में फायदा मिलता है, ध्यान रहे एक बार में 4 से जादा छुहारे नहीं खाये।

9. रात को तांबे के बर्तन में एक लीटर पानी भर कर रख दे और पानी में चाँदी का एक सिक्का भी डाल दे। सुबह खाली पेट इस पाई को पिए और आधे घंटे तक कुछ ना खाए पिए। ये प्रयोग लकवा से रिकवर होने में बहुत फायदा करता है।

10. लकवे के रोगी को करेला जादा खाना चाहिए, लकवे में करेले के सेवन से भी फायदा मिलता है। लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को किसी भी नशीली चीज़ के सेवन से परहेज करना चाहिए और खाने में घी, तेल माँस, मछली का प्रयोग नही करना चाहिए।

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