धातु (धात) रोग का सरल घरेलू उपचार | Spermatorrhea Causes, Symptoms, Treatment In Hindi

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धातु (धात) रोग का सरल घरेलू उपचार | Spermatorrhea Causes, Symptoms, Treatment In Hindi


धातु रोग या धात रोग (Spermatorrhea) पुरुष यौन सम्बंधित समस्या है जो आकस्मिक और अनैच्छिक वीर्यपात का कारण बनती है। इसके कारण, लक्षण, उपचार क्या हैं और इसकी रोकथाम के लिए क्या-क्या घरेलू उपचार अपनाये जा सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए एक अच्छी मानसिकता और स्वस्थ दिनचर्या को अपनाना महत्वपूर्ण होता है।

धातु रोग क्या है? – What is Spermatorrhea in Hindi 

धात व धातु रोग, जिसे अंग्रेजी में स्पर्मेटर्रिया (Spermatorrhea) कहा जाता है, यह एक तरह की यौन समस्या है। इसमें बिना किसी यौन गतिविधि या इच्छा के वीर्यपात हो जाता है। कई बार पेशाब करते समय मूत्र के साथ भी वीर्य निकल जाता है

 (2)। इस स्थिति को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है

 (3)। मेंग यी (Meng Yi): इसमें सपने देखते हुए नींद में ही वीर्यपात हो जाता है। हुआ जिंग (Hua Jing): इसमें बिना सपने देखे नींद में या दिन में सचेत रहते हुए वीर्यपात हो जाता है। धातु रोग क्या है, यह जानने के बाद आगे हम धातु रोग के कारण के बारे में बात करेंगे।

 धातु रोग के कारण – Causes of Spermatorrhea in Hindi 

धातु रोग यानी स्पर्मेटर्रिया एक गंभीर समस्या है, जिससे बचाव के लिए धात रोग के कारण के बारे में जानना जरूरी है। नीचे, हम धातु रोग के अनुमानित कारणों के बारे में बता रहे हैं

  •  भावनात्मक असंतुलन।
  •  अधिक यौन गतिविधि। 
  • शराब का सेवन।
  • Qi की कमी (ऊर्जा की कमी)।
  •  ह्रदय, लिवर, व किडनी में असंतुलन।
  •  दवाओं का सेवन, जैसे – टोपिरामेट (Topiramate)। एक्जिमा व दाद। 
  • आंत में होने वाले कीड़े (Worm Infestation)। अधिक हस्तमैथुन आगे हम, धात रोग के लक्षण के बारे में बता रहे हैं।

 धात रोग के लक्षण – Symptoms of Spermatorrhea in Hindi 

 सिर्फ पुरुषों को ही नहीं, बल्कि महिलाओं को भी धात रोग हो सकता है। इसके कुछ लक्षण समय के साथ गंभीर होते जाते हैं। इसके कुछ आम लक्षण हम नीचे बता रहे हैं

  •  मूड में अचानक बदलाव होना। 
  • हर समय आलस महसूस होना। 
  • एंहीडोनीय (Anhedonia) यानी किसी भी तरह के काम में मन न लगना।
  •  एकाग्रता में कमी। निराशाजनक अवसाद (उदासीन विचार, खुद को व्यर्थ समझना)। 
  • नींद में कमी। कम भूख लगना। शारीरिक दुर्बलता। घबराहट महसूस होना।
  •  असमय वीर्यपात। मनोरोग। 
  • योनि स्राव (Vaginal Discharge)। 
  • पेशाब के साथ वीर्य निकलना। 

 धात रोग के लक्षण के बाद आगे हम धातु रोग के जोखिम कारक के बारे में बता रहे हैं।

 धातु रोग के जोखिम कारक – Risk Factors of Spermatorrhea in Hindi ‘

किसी भी तरह की शारीरिक समस्या या रोग की चपेट में व्यक्ति यूं ही नहीं आ जाता है। उसके पीछे कई कारण छुपे होते हैं। इसी तरह धातु रोग होने के पीछे भी कई कारक हैं। इन्हीं कुछ आम जोखिम कारकों के बारे में नीचे क्रमवार बताया गया है

  •  वीर्यपात के नुकसान से संबंधित मिथकों पर भरोसा करना। 
  • कामुक साहित्य पढ़ना या चित्र देखना।
  •  एडल्ट फिल्में देखना।
  •  दोस्ती या प्यार में विश्वासघात। 
  • कुछ अधूरी कामोत्तेजक इच्छाएं। 
  • बुरी संगत। चिंता करना।
  •  यौन इच्छा संबंधी (Venereal) रोग। 
  • यूरेनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) के कारण। 
  • अधिक भोजन करना। 
  • नींद खराब होना। 
  • आनुवंशिक कारक। 
  • पारिवारिक माहौल। 
  • अपर्याप्त आहार का सेवन। 
  • महिला नसबंदी (Tubectomy)। 
  • अधिक हस्तमैथुन।
  •  कब्ज।

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