विशेषज्ञ से जानें: कोरोना संक्रमित मरीज का अगर बुखार कम नहीं हो रहा है तो क्या करें?

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 विशेषज्ञ से जानें: कोरोना संक्रमित मरीज का अगर बुखार कम नहीं हो रहा है तो क्या करें?

देश में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे थे, लेकिन बीते 24 घंटे में इसमें थोड़ी गिरावट आई है। मंगलवार को देश में संक्रमण के तीन लाख 23 हजार 144 नए मामले सामने आए जबकि 2700 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। हालांकि यहां ठीक होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक दिन में ढाई लाख से ज्यादा लोग कोरोना से ठीक हुए हैं। चूंकि देश में टीकाकरण का काम तो तेजी से चल रहा है, लेकिन टीका लेने के बाद भी कई लोग संक्रमित हो रहे हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब… 

वैक्सीन लगवाने के बाद अगर पॉजिटिव हुए, तो वायरस का कितना प्रभाव रहता है? 

दिल्ली स्थित जी. बी. पंत अस्पताल के डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, ‘वैक्सीन लगवाने के बाद कई लोग संक्रमित हुए हैं, लेकिन जो डाटा सामने आया है, उसके मुताबिक पहली डोज भी लोगों को वायरस से सुरक्षा दे रही है। अगर कोई पहली डोज के बाद संक्रमित हुआ है, तो उसे 60 से 75 फीसदी तक सुरक्षा मिल रही है और दूसरी डोज लेने के बाद वह वायरस को एकदम हल्का कर देता है। हाल ही में कोवैक्सीन और कोविशील्ड का जो डाटा आया है, उसके मुताबिक वैक्सीन की दोनों खुराक लगवाने के बाद 0.04 फीसदी लोगों को केवल हल्का संक्रमण हुआ है। इसलिए अपनी बारी आने पर कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवाएं।’ 

जिन्हें पहली डोज के बाद कोरोना हो चुका है वो वैक्सीन लगवाएं या इंतजार कर लें? 

डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, ‘जो डाटा अभी सामने आया है, उसके मुताबिक अगर पहली डोज होने के बाद भी कोविड हुआ है तो सुरक्षा मिलती है। चूंकि हमारे शरीर को वायरस से सुरक्षा मिली है और शरीर की एंटीबॉडी रिस्पॉन्स कर रही हैं, इसलिए ठीक होने के दो हफ्ते बाद दूसरी डोज ले सकते हैं।’  

कोरोना से संक्रमित का अगर बुखार कम नहीं हो रहा है तो क्या करें? 

डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, ‘जी हां, कई बार लोगों में सिर्फ बुखार के ही लक्षण आते हैं, उसके अलावा कोई और लक्षण बहुत कम होते हैं। वहीं कई लोगों का बुखार जल्दी नहीं उतर रहा है, ऐसे में कई बार ऐसा हो रहा है कि व्यक्ति वायरस से तो उबर जा रहा है, लेकिन उसके बाद कुछ बैक्टीरियल वायरल से संक्रमित हो जाता है। इसलिए अगर एक हफ्ते में बुखार न उतरे तो परेशान न हों, अपने डॉक्टर को दिखाएं, वो कुछ एंटीवायरल दवा आदि देंगे और कुछ दिन में आराम हो जाएगा।’ 

मलेरिया और कोरोना के बुखार में कैसे अंतर समझें? 

डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, ‘मलेरिया और कोरोना दोनों में ही तेज बुखार आता है, लेकिन मलेरिया में सर्दी-जुकाम नहीं होगा और न ही सेचुरेशन से संबंधित समस्या होगी। जहां तक कोरोना का है तेज बुखार के साथ ही सर्दी, जुकाम, गले में खराश, ऑक्सीजन की समस्या हो सकती है।’ 

क्या हम घर पर कोई दवा की किट रख सकते हैं? 

डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, ‘कोरोना के समय में बुखार की दवा घर में रख सकते हैं और आने पर ले सकते हैं। लेकिन अगर कोरोना है और लक्षण इससे ज्यादा हैं या बढ़ रहे हैं तो बेहतर है कि पहले कोरोना जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। कई बार लोग खुद से कई तरह की दवा ले लेते हैं, जो नुकसान करने लगती हैं। इसलिए कोई किट बनाकर खुद दवाइयां न लें।’ 

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